मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

भाव

ग्रहके बाद हम अगले क्रम में भावों के चर्चा करते हैं
भाव बारह होते हैं
प्रथम भाव -तनु ,शरीर,
द्वितीय -धन ,परिवार
तृतीय -सहज ,पराक्रम ,
चतुर्थ -सुख,
पंचम -मित्र , विद्या ,राकी कृपा
षष्ठ - शत्रु ,रोग , मामा
सप्तम -पत्नी ,व्यापार ,
astam -mrityu
navam - bhagya
dasham -karma
yekadash - aaya
dwadash - vyaya

ग्रह

ज्योतिष में नवग्रह होते हैं जिनके द्वारा हम भविष्यवाणी करते हैं
जिनका नाम क्रमशः सूर्य ,चन्द्र ,मंगल,बुध गुरु ,शुक्र, शनि , राहु और केतु
इनके अलावा नेप्चून हर्शल और प्लूटो ये ग्रह भी अरुण ,वरुण और यम के नाम से भारतीय ज्योतिष शास्त्र में जाने जाते हैं